STONES AND TREATMENT (पथरी और उसका इलाज)

पथरी और उसका इलाज

आदमी के शरीर में पथरी दो तरीके से होती है|
पीत की पथरी
मूत्र थैली की पथरी

एलोपैथिक में पथरी का सिर्फ़ एक इलाज है , आपरेशन| जबकि होम्योपैथी और आयुर्वेद में ऐसा इलाज है जिससे की पथरी समाप्त हो जाती हैं |

पथरी का आयुर्वेदिक इलाज :

नींबू के रस में सेंधा नमक मिलाकर कुछ दिन तक नियमितरूप से पीने से पथरी पिघल जाती है।

गोखरू के बीजों का पाव तोला (3 ग्राम) चूर्ण भेड़ के दूध के साथ सात दिन पीने से लाभ होता है।

पानफुटी के पत्तों का 20 ग्राम रस अथवा सहजने की जड़ का 20 से 50 मि.ली. काढ़ा या मुनक्के (काली द्राक्ष) के 50 मि.ली. काढ़े का सेवन पथरी में लाभदायक है।

 

होम्योपैथ के अनुसार पथरी का सफल असरदायक इलाज :

किसी भी व्यक्ति की पथरी मूत्राशया से संबंधित है तो होम्योपैथ इसका सफल इलाज बताता है |
जो की रोगी के लक्षण के हिसाब से दवाइयों को लेना पड़ता हैं |

बारबेरिस :

यह मूत्राशया के पथरी की एक प्रधान दावा हैं | इसमे रोगी के कमर में लगातार दर्द बनी रहती है और बार बार पेशाब की इच्छा होती हैं | कभी दर्द किडनी से होता हुआ ब्लदार तक चला जाता हैं | वैसे यह माना जाता हैं की इस दावा को लेने से पथरी गाल जाती है और पेशाब के रास्ते से बाहर निकल जाती हैं |

यदि रोगी के पेशाब में जलन हो , पेशाब करने में रोगी को ज़ोर लगाना पडें, पेशाब करते- करते पेशाब अचानक बंद हो जाए, तो कौन सी दावा उपयोगी हैं?



जैसा की उपर हमने लक्षण बताए हैं की
रोगी के पेशाब में जलन हो|
रोगी का पेशाब करते समय ज़ोर लगाना पड़े|
पेशाब करते करते अचानक पेशाब बंद हो जाता हो|
साथ ही एसा महसूसू हो की पथरी फँस गयी हो|
साथ ही यदि पेशाब हो भी रही हो तो धागे की तारह दिखाई दे|

यदि उक्त लक्षण रोगी के अंदर दिखाई दे तो रोगी को निम्न दावा का प्रयोग करना चाहिए|

kAINTHR
युवा उरसी

इन दोनो दवाओं की 200 पावर का प्रयोग करें , रोगी को तुरन्त आराम हो जाएगा|

यदि पेशाब के साथ खून निकले तो कौन सी दावा प्रयोग करनी चाहिए ?

पथरी के रोगी में रोगी को पेशाब के साथ यदि रक्त भी आ रहा हो और साथ में निम्न लक्षण हो …….

रोगी के पेशाब में रुकावट
रोगी को पेशाब बार बार करने की इच्छा हो |
पेशाब करते समय भयानक दर्द और दर्द एसा की किडनी से मूत्राशया में चला जाता हो |

रोगी के पेशाब में खून आने लगे |
दाहिने किडनी में दर्द हो और दर्द पैर तक आ जाता हों|

यदि रोगी के अंदर उक्त लक्षण है तो रोगी को इन दवाओं का सेवन निम्न प्रकार करना चाहिए

कैयंथर की 200 पवार को दिन में 3 बार लें | काक्स की 200 पवार दिन में 3 बार लें|
और रात में सोते समय नक्श वॉंमिका 200 की एक खुराक लें | रोगी को अशातीत परिणाम मिलेगा|

यदि रोगी को पेशाब करते समय छोटी पथरी खुद निकले तो रोगी को कौन सी दावा लेनी चाहिए ?

कभी कभी रोगी के अंदर निम्न लक्षण देखे जाते हैं |

रोगी को बार बार पेशाब की इच्छा होती हैं , किंतु पेशाब बहुत कम होता हैं | पेशाब में छोटी छोटी पथरी अपने आप निकल जाती हैं | साथ ही किडनी में भयनकार दर्द होता हैं |
रोगी को एसी दशा में निम्न दावा का प्रयोग करना चाहिए |
कैयंथर 200 की तीन खुराक , बरवेरिस 200 की तीन खुराक और सरसा पेरिला 200 की तीन खुराक |
रोगी को तुरंत आराम हो जाएगा|

Last Updated on: October 28th, 2018 at 5:29 pm, by admin