रोग होने का प्राकृतिक कारण ( Natural Cause of Disease)

मनुस्या के शरीर में रोग होने के तीन प्राकृतिक कारण हैं |
वायु कारण
पित्त कारण
कफ कारण

वायु कारण :
वायु की समस्या हमारे शरीर में कब्ज के कारण होता हैं | कब्ज का मतलब यह होता हैं की जब हमारे शरीर से मल पूरी तरीके से बाहर नही निकलता हैं तो धीरे धीरे यह हमारे पाचन क्रिया को प्रभावित कर देता हैं | पेट साफ नही होता हैं , कुछ खाते ही गैस बनाने लगती हैं | धीरे धीरे गंदी हवा हमारे शरीर में जगह जगह फसाने लगती हैं परिणाम स्वरूप देर सारे रोग पैदा होने लगते हैं | इसे वात रोग भी कहा जाता हैं |

वात रोगी की पहचान :
वात रोगी देखने में रूखा सा होता हैं , उसके शरीर की बनावट रूखी होती हैं | शरीर कड़ा सा दिखता हैं | शरीर की त्वचा रूखी सी होती हैं और चेहरा निसक्रिया होता हैं मतलब चेहरे पर तेज नही होता हैं |
वात के कारण होने वाले रोग :
वात के कारण हमारे शरीर में निम्न रोग होते हैं |
जिसमें प्रमुख कुछ इस प्रकार हैं ….डयबीटीस , गैस , अफ़रा, कब्ज , कैंसर , डकार , बवासीर , सर के बाल झाड़ जाना आदि |

वात रोगी के शरीर का रंग काला पड़ जाता हैं | वात रोगी के शरीर से बिना गंध वाला कम पसीना निकलता हैं |वात दोष के कारण त्वचा रूखी और ठंड हो जाती हैं | वात रोगी की आँखे धूमिल , कालापन लिए हुए और कोने से धनसी होती हैं| वात दोषी के सिर के बाल कड़े , रूखे और कम हो जाते हैं | वात रोगी का मुँह सुखाता हैं |वात रोगी की आवाज़ भारी और घर्र घर्राहट युक्त होती हैं | वात रोकी के नाख़ून रूखे और खुरदूरहट भरे होते हैं | वात रोगी का मल सख़्त, कड़ा और टूटा हुआ होता हैं और झाग युक्त होता हैं |
वात रोग से पीड़ित व्यक्ति के मूत्र का रंग पीला पड़ने लगता हैं |
वात रोगी को भूख कभी ज़्यादा और कभी कम लगती हैं| कभी उसका पेट साफ तो कभी कब्ज हो जाता हैं | ऐसे ही प्यास कभी ज़्यादा तो कभी कम लगती हैं |

Last Updated on: September 26th, 2018 at 9:25 am, by admin