डीपथिरीया का असरदायक इलाज

डीपथिरीया का असरदायक इलाज

Depthiriya –

डीपथिरीया से आए दिन दिल्ली और नोयडा के अस्पतालों में कई बच्चो की मौत हो रही हैं , कारण सरकारी अस्पताल में इस रोग की आंतीबायटिक इंजेक्शन मौजूद नही हैं |
एलोपैथिक डाक्टर इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को एक एंटी टकसिन इंजेक्शन देते हैं ! ठीक उसी प्रकार होम्योपैथ में भी कुछ एंटी नोसोडस का उपयोग करा के तुरंत लाभ लेते हैं | यदि किसी का बच्चा इस रोग से पीड़ित हैं तो उसे तुरंत किसी होम्योपैथ के डाक्टर से संपर्क कर उक्त दावा का सेवन कर बच्चे की जिंदगी बचानी चाहिए|

डीपथिरीया के रोग का प्रधान लक्षण कुछ इस प्रकार हैं |

  • बीमारी शुरू से ही घातक रूप धारण कर लेती हैं |
  • रोगी के सरवाइकल ग्लैंड शूज जाते हैं|
  • सरवाइकल ग्लैंड यानी की गले की ग्रंथि सूज जाती हैं |
  • रोगी की जीभ लाल हो जाती हैं और फूल जाती हैं|
  • रोगी के नाक मुँह और थूक, बलगम सभी स्राव में बड़ी सड़ी बदबू होती हैं |
  • रोगी के स्वॉश में भी बदबू होती हैं|
  • रोगी के तलुमुल और अगल बगल की जगह फूल जाती हैं और काली पड़ जाती हैं|
  • रोग आरंभ होते ही रोगी के नाक से खून निकलता है और रोगी बहुत कमजोर हो जाता हैं |
  • शरीर का ताप स्वाभाविक से भी कम हो जाता हैं |
  • नाड़ी तेज और क्षीण हो जाती हैं|
  • रोगी अर्ध चेतन अवस्था में पड़ा रहता हैं|
  • रोगी पीने की कोई चीज़ पी लेता हैं लेकिन पीने के बाद या तो उल्टी कर देता है या उसके नाक से निकालने लगता हैं|

https://studio.youtube.com/video/ozSqh26D5Bk/edit

Diphtheria का इलाज :

होम्योपैथ में Diphtheria की प्रेवेंटिव दावा हैं जिसका नाम Diptherinum हैं | डाक्टर एलन ने एक जगह कहा हैं की जिन रोगियों को diptherinum का प्रयोग कराया हैं उन्हे कभी भी Diphtheria नही हुआ हैं|

हमेशा इस दावा के 200 से उँची शक्ति का प्रयोग करें|

 

Last Updated on: October 20th, 2018 at 2:32 pm, by admin